मानव की उत्पति एवं विकास


मानव की उत्पति सेनोजोइक इरा के तृतीयक युग में  प्लायोसिन कल्प कल्प में आज से लगभग 1 करोड़ 20 लाख पूर्व हुआ था| पृथ्वी  की भौगोलिक उत्पति के कालखण्ड या समय को तीन भागो में बाटा जाता है| पहला महाकल्प जिसमे 5 महाकल्प अभी तक माना जाता है| दुसरा युग जिसमे 4 युग  माना जाता है| और तीसरा शक/कल्प माना जाता है | 
होमोसेपियन्स  / homosapien
homosapien

 
मानव की  उत्पति को लेकर विचार

 मानव उत्पति को लेकर दो तरीके के विचार पाया जाता है पहला धार्मिक विचार और दूसरा वैज्ञानिक विचार | धार्मिक विचार जिसमे हम  बाइबिल,कुरान और ग्रन्थ आदि को देखते है | धार्मिक विचार के तहत यह माना  जाता है की मानव की उत्पति ईश्वर ने ऐसे ही किआ था जैसा हम वर्तमान में है | यानि धार्मिक रूप से मानव का विकास नहीं हुआ है बल्कि ईश्वर ने पैदा किया था | वैज्ञानिक विचार के तहत यह  माना जाता है की मानव जब पैदा हुआ था तो उस समय मानव इस अवस्ता में नहीं था जिस वर्तमान अवस्था में मानव अभी है | विज्ञान यह मानता  है की मानव का विकास हुआ है विकास की एक चरण के रूप में हम यंहा तक पहुंचे है | विकासवाद के बहुत से सिद्धांत दिए गए है जैसे डार्विन  लैमार्क ह्यूगो दे ब्रिज आदि ये विकास के चरणों को समझाते है | विज्ञानं यह मानता है की प्रारम्भिक  अवस्था में मानव उस रूप में नही था जैसा हम वर्तमान में है बल्कि प्रारम्भिक अवस्था में मानव का रूप वास्तव में बन्दर या चिम्पैंज़ी या प्राइमेट था | ये  स्तनधारिओ के समूह से निकला हुआ व्यक्ति है जो धीरे धीरे विकास करता हुआ हम वर्तमान समय में पहुंचे है | वर्तमान में इस वैज्ञानिक युग में वैज्ञानिक विचार को मान्यता प्राप्त दिया गया है |

मानव का विकास

मानव की प्राथमिकतम जीवाश्म अफ्रीका से मिला है इसी वजह से यह मान लिया गया है की मानव की उत्पति अफ्रीका में हुआ है | अफ्रीका के घने जंगलो के पेड़ों पर बंदरो का एक समूह (स्तनधारिओ का समूह) समूह रहता था जिसे प्राइमेट्स बोला जाता था |इस प्राइमेट्स का एक समूह जंगलो से बाहर निकलकर मैदानी इलाको में आता है और मैदानी इलाको में आकर अपने आप को मैदानी इलाको में रहने के अनुकूल कर लेता है | इस प्राइमेट्स को बोला गया रामापिथेकस इन्हे सेमिइरेक्टस भी बोला जाता है | रामापिथेकस से मानव का विकास का क्रम शुरू होता है | मानव के सबसे करीबी प्राइमेट्स चिम्पैंजी को माना गया है पहले मानव के करीबी प्राइमेट्स बंदरो को माना जाता था परन्तु विज्ञानं अब चिम्पैंजी को मानता है |
chimpanzee
chimpanzee


आस्टेलो पिथेकस
1924 में रेमण्ड ए डार्ट ने इसे मध्य अफ्रीका के रोडेशिया जिला के टोम्स झील में खोजा | इसे प्राचीनतम मानव सम (hominits) बोला गया है इस मानव की कपाल क्षमता 500 cc तक थी इसे मानव का पहला पूर्वज मन जाता है |

होमो हैविलस

ये हाथो का खुला प्रयोग और पत्थर के हथियार बनाने वाले प्रथम व्यक्ति थे |

होमो इरेक्टर
होमो इरेक्टर






होमो इरेक्टर को दो भागो में बाटा गया है पहला जावा मानव और दूसरा पीकिंग मानव | जावा मानव की खोज जावा द्वीप में सोलो नदी के किनारे टिनिल ग्राम में हुआ था ये मानव नरभक्षी थे | इनकी खोज यू दूवाल ने थी | इनकी कपाल क्षमता 900 cc थी | पीकिंग मानव की खोज w.c पेयी ने पीकिंग नामक स्थल से की   थी | यँहा से 40 अस्थिपंजी मिली थी | इनकी कपाल क्षमता 1000 cc थी | ये भी नरभक्षी थे | आग का प्रयोग सबसे पहले  इन्होने ने ही किये थे |

निएण्डरथल मानव

इसे जर्मनी के निएण्डर नामक स्थल से c फूलरोट के द्वारा खोजा गया था | सबसे पहले बोलने की क्षमता का विकास होता है | आवास की परम्परा का सुरुआत होता है | स्पस्ट श्रम विभाजन पाया जाता है | सव को दफ़नाने की परम्परा की सुरूआत होती है | आग का व्यापक स्तर पर प्रयोग लिए जाता है अर्थात इन्होने आग का प्रयोग भोजन बनाने के रूप में किए | धर्म और संस्कृति का प्रारम्भ किया |  इनकी कपाल क्षमता 1450 cc थी | 

क्रोमैगनेन मानव
क्रोमैगनेन मानव / cro magnon
क्रोमैगनेन मानव


इसका खोज फ़्रांस में मैकग्रीनर के द्वारा क्रोमैगनेज चट्टान में किया गया | इसे हे होमोसेपियन्स मानव बोला जाता है | इनकी कपाल क्षमता 1600 cc थी |  वर्तमान मानव का आधुनिकतम पूर्वज  क्रोमैगनेन मानव को माना जाता है | इनकी कपल क्षमता वर्तमान मानव से 150 cc अधिक थी वर्तमान मानव की कपाल क्षमता 1450 cc है |

होमोसेपियन्स

10000 b.c के आस पास होमोसेपियन्स अस्तित्व में आ आता है आधुनिक मानव या प्रज्ञ मानव इन्ही को बोला जाता है इनकी कपाल क्षमता 1450 cc है | 

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1 comments:

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Unknown
admin
September 7, 2019 at 11:07 PM ×

story achh hai

Congrats bro Unknown you got PERTAMAX...! hehehehe...
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